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घर की सुख-शांति के लिए मुख्य द्वार के 5 गुप्त वास्तु नियम

मई 01, 2026 | पंडित विकास शर्मा
Main Door Vastu

प्रणाम! हमारे शास्त्रों में घर का मुख्य द्वार (Main Door) वह स्थान है जहाँ से देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। यदि मुख्य द्वार दोषपूर्ण हो, तो घर में अशांति और दरिद्रता आने लगती है।

1. द्वार की सही दिशा (Direction)

उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में द्वार होना सबसे शुभ माना जाता है। यदि आपका द्वार किसी अन्य दिशा में है, तो घबराएं नहीं। वैज्ञानिक वास्तु के अनुसार, हम धातु की पट्टियों या रंगों के माध्यम से इस दोष को बिना किसी तोड़-फोड़ के ठीक कर सकते हैं।

2. मांगलिक चिन्हों का महत्व

द्वार के दोनों ओर सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं और ऊपर का चिन्ह लगाएं। यह नकारात्मक शक्तियों को घर की सीमा से बाहर ही रोक देता है।

3. देहली (Dahleez) का विज्ञान

पुराने समय में हर घर में ऊँची देहली होती थी। वास्तु के अनुसार, लकड़ी की बनी देहली बाहर की धूल और बुरी नज़र दोनों को अंदर आने से रोकती है।

परामर्श के लिए: यदि आप अपनी फैक्ट्री या घर का वैज्ञानिक वास्तु विश्लेषण करवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए व्हाट्सएप बटन का उपयोग करें।